Saturday, 10 March 2018

Navratri me kare ye upay hogi dhan varsa


NAVRATRI ME KARE YE UPAY HOGI DHAN LAKMI PRAPT



Tulsi ka podha ghar lane se laksmi prapti

नवरात्रि में शुभ मुहूर्त के तुलसी के पौधे को घर लाकर गमले में लगाले है । सुबह शाम इस पौधे के पास घी का दीपक जलाएं तथा जल से चढायें तथा  विधि विधानपूर्वक पूजा करें इससे महालक्ष्मी की कृपा होती है । तथा धन धान्य की वृद्धि होती है और परिवार संबंधित सभी विपत्तियोंं समस्याओं का समाधान होता है


Kele podha ghar lane se laksmi prapti

नवरात्रि में शुभ मुहूर्त में केले के पौधे को घर लाएं  तथा गमले में लगाए हैं इसकी जड़ में 9 दिनों तक जल चढ़ाएं ।
जल व दूध चढ़ाने से धन धान्य की प्राप्ति होगी तथा परिवार में सुख समृद्धि आएगी।


 Sankh puspi ki jad se laksmi prapti

नवरात्रि में शंखपुष्पी की जड़ ला कर उस की पूजा करके लाल वस्त्र में लपेटकर चांदी की डिब्बी में रखकर अलमारी या तिजोरी में रखने से कैसे संबंधित सभी समस्याएं दूर हो जाती है


Harsringar ke pusp se laksmi prapti


शुभ मुहूर्त में हार श्रृंगार के गुच्छ बांदे को लाल कपड़े में लपेटकर के तिजोरी में रखदे  ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा होती है तथा धन से संबंधित सभी समस्याएं दूर होती है और धीरे-धीरे सुख समृद्धि का विकास होता है

jivan rekha mastisk rekha hriday rekha ka yog ? shnub ya ashub ( hast re...

Friday, 9 March 2018

Mangal rekha the line of mars{ mangalmay jivan ka aashirvad} - palmistry

             
    The line of mars - palmistry 
            
     मंगल रेखा मंगलमय जीवन का आशीर्वाद

Mars line


मंगल रेखा को जीवन रेखा की सहायक रेखा भी कहते हैं ।यह मंगल पर्वत से निकलकर आयु रेखा के समानांतर शुक्र क्षेत्र पर पहुंचती है ।

यह आयु रेखा के दोषों का समन करती है और आयु रेखा को बल प्रदान करती है। यह रेखा जीवन जीने की शक्ति का परिचायक है । अर्थात जीवन जीने की लालसा बढ़ाती है । यह जीवन से हार नहीं मानने देती है। संघर्ष करना सिखाती है,


जिनके हाथ में यह रेखा होती है वह साहसी प्रकृति के होते हैं ।शरीर से बलशाली होते हैं, मानसिक शक्ति माइंड पावर इनका बहुत अच्छा होता है।


यह व्यक्ति को हर विपरीत परिस्थिति मैं डट कर खड़ा रहना सिखाती है । यह व्यक्ति को हर परिस्थिति में लड़कर जीतना सिखाती है।


यह व्यक्ति धैर्यशाली होते हैं । परिश्रमी होते हैं, कार्य करने में उत्साह ही होते हैं।


इनमें संपूर्ण जीवन जीने की लालसा होती है । अगर आयु रेखा में कोई दोस्त हो तो उन दोस्तों का शमन करती है । उस दोस्त की कमियों को दूर करती है।


दोष  क्या-क्या हैं ?

रेखा कटी फटी होना रेखा पर द्वीप होना रेखा का स्पष्ट होना रेखा पर कोई अशुभ चिन्ह होना। 


यदि दोनों रेखाएं सुंदर वह स्पष्ट हो तो ऐसे व्यक्ति जीवन पर्यंत जीवन जीने के लिए आत्म बल सुदृढ़ रखते हैं । इनका जीवन जीने के प्रति पॉजिटिव नजरिया होता है ।ऐसे व्यक्तियों से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती है।


आयु रेखा से दूर मंगल रेखा
Mars line


यदि मंगल रेखा जीवन रेखा से दूर शुक्र पर्वत से होकर गुजरती हो तो यह व्यक्ति लापरवाह होते हैं । उग्र स्वभाव के होते हैं तथा इन व्यक्तियों में प्रतिशोध की भावना भरी रहती है। यह व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर ही झगड़ने लगते हैं।


आयु रेखा के पास मंगल रेखा
Mangalmay jivan

यदि मंगल रेखा आयु रेखा के पास से होकर जाती है। तो ऐसे जातक आत्म शक्ति आत्म बल युक्त होते हैं ।इनका आत्म बल प्रबल होने के कारण ही यह हर परिस्थिति का डटकर सामना करते हैं । यह व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हैं । समाज में सम्मानित होते हैं प्रतिष्ठित होते हैं ।


मंगल रेखा से ऊपर की तरफ जाने वाली रेखाएं
Mars line

यदि मंगल रेखा से निकलकर रेखाएं ऊपर की तरफ जाती है ।ऐसे व्यक्ति अपने जीवन में अपने कार्य क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करते हैं ।


मंगल रेखा से निकली आड़ी रेखाएं

यदि मंगल रेखा से निकल कर कुछ आड़ी रेखाएं मस्तिष्क रेखा को काटती हो तो ऐसे जातकों को सिर पर चोट लगने का भय रहता है तथा मानसिक तनाव भी रहता है ।ऐसे जातकों के प्रेम संबंध भी असफल रहते हैं ।और यदि मंगल रेखा पर बिंदु का चिन्ह हो तो ऐसे जातकों को दुर्घटना का भय बना रहता है ऐसे जातकों का दुर्घटना होने के योग बनते हैं ।

Thursday, 8 March 2018

Manibandh aur Rajyog ( BRACELET LINE ) मणिबंध रेखा और राजयोग

Manibandh aur Rajyog ( BRACELET LINE ) 
                                                
                                   मणिबंध रेखाऔर   राजयोग 


Bracelet line




कलाई पर हथेली की तरफ बनी हुई रेखाओं को मणिबंध रेखा कहते हैं ।इनका हस्तरेखा ज्योतिष में बहुत महत्व है ।इन्हें नजरअंदाज करना अपूर्ण  अर्थात आधा भविष्यफल कहने के बराबर है।



एक मणिबंध रेखा


Manibandh-aur-rajyog-bracelet-lineयदि किसी जातक की कलाई को  स्पष्ट यव अर्थात द्वीप युक्त मणिबंध रेखा हो पूर्ण कलाई को घेरे हुए हो  तो वह व्यक्ति समाज में प्रतिष्ठा मान-सम्मान तथा अत्यधिक रूप में धन प्राप्त करता है। रेखा सुन्दर स्पष्ट बिना कटी होनि चाहिए।


दो मणिबंध रेखाएं

Manibandh-aur-rajyog-bracelet-line
यदि दो मणिबंध रेखा सुंदर स्पष्ट हो द्वीपीय युक्त हो तथा संपूर्ण कलाई को घेरे हुए हो तो ऐसे जातक विद्वान होते हैं ।अनेकों प्रतिभा इनके अंदर होती है प्रतिभा होने के साथ-साथ यह बहुत अच्छे समाज सुधारक होते हैं। ऐसी सुंदर रेखा होने पर ऐसे जातक सलाहकार बनते हैं। समाज सुधारक बनते हैं ।उच्च राज्य अधिकारी बनते हैं ।एवं प्रशासनिक सेवाओं में होते हैं।



तीन मणिबंध रेखाएं

Manibandh-aur-rajyog-bracelet-lineयदि सुंदर स्पष्ट द्वीप युक्तियुक्त तीन मणिबंध रेखाएं हो जो संपूर्ण कलाई को घेरे हुए हो तो ऐसे व्यक्ति सभी प्रकार के भौतिक सुख प्राप्त करते हैं ।यदि और भी इनके हाथ में शुभ लक्षण हो तो जातकों के भाग्य में राजयोग होता है । इनका जीवन राजा या राजा अतुल्य होता है , ऐसे व्यक्ति बड़े मंत्री पद पर आसीन होते हैं।



चार मणिबंध रेखा


Manibandh-aur-rajyog-bracelet-line
यदि तीन मणिबंध रेखाएं सुन्दर स्पष्ट द्वीप युक्त हो तथा संपूर्ण कलाई को घेरे हुए हो तो ऐसे व्यक्ति देश और विदेश में दोनों ही स्थान पर राज करते हैं।

Tuesday, 6 March 2018

अगर आप के हाथ में भी है ये रेखा तो आप की भी लगेगी लोटरी (hast rekha in h...

Navratra puja vidhi For House & office thatha kalas sthapana

   Navratra puja vidhi For house&o office thatha kalas sthapana
Navratri puja



नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र में कलश स्थापना करके पूजन करने का बहुत अधिक महत्व है नवरात्रि में प्रतिपदा को कलश स्थापना की जाती है ।
Durga puja

तथा नवमी को विसर्जन किया जाता है, सभी भक्तों अपनी-अपनी मनोकामना सिद्धि के लिए घर तथा कारोबार में सुख समृद्धि धन धान्य ऐश्वर्य आदि की प्राप्ति के लिए नवरात्र में श्रद्धा पूर्वक मां दुर्गा का पूजन अर्चन करते हैं ।
तथा मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं
कलश स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री



1.एक मिट्टी का कलश
2.एक मिट्टी का पात्र
3.मिट्टी की सराय वह दीपक
4.शुद्ध साफ की हुई मिट्टी जिसमें पत्थर कंकर आदि नहीं हो
5.मौली या कलावा
6.रोली
7.इलायची
8.चांदी का सिक्का
9रुई माचिस
10.मां दुर्गा का चित्र या मूर्ति
11.अशोक या आम के पत्ते
12.कलश को ढकने के लिए मिट्टी का ढक्कन
13 .साबुत चावल
14. एक पानी का नारियल
15.साबुत सुपारी
16.कलश में रखने के लिए सिक्के
17.लाल या पीला कपड़ा
18.एक माताजी की चुनरी
19.मिठाई
20.लाल गुलाब के फूलों की माला
21. एक चौकी


तो आइए जानते हैं कलश स्थापना किस प्रकार की जाए

Kalash sthapana
1.:-कलश स्थापना के लिए साधक को स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करनी चाहिए वह वस्त्र लाल या पीले हो तो बहुत ही शुभ होंगे।


2.:-तथा इसके पश्चात मंदिर या घर या फैक्ट्री मैं जहां भी साधक नवरात्रि कलश स्थापना करता है ।वहां पूर्व दिशा में या ईशान कोण में लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र या पीला वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर मां दुर्गा का चित्र या मूर्ति स्थापित करना चाहिए।
Durga puja


3:-.तथा फिर जौ बोनेे के लिए एक मिट्टी के पात्र में स्वच्छ मिट्टी भरकर उसमें जौ डालकर उसे हल्का सा  मिलाकर पानी का छिड़काव कर दें।


4:-फिर उस पर मिट्टी का कलश स्थापित कर दें कलश में गंगाजल या गंगा जल मिश्रित जल भरदे तथा फिर कलश में रोली थोड़ा सा मीठा एक चांदी का सिक्का थोड़े से चावल डाल दे।


5:-फिर उस पर आम के पत्ते या अशोक के पत्ते लगाकर ढक्कन से ढक दें ढक्कन में चावल भर दे तथा फिर एक नारियल ले नारियल पर लाल कपड़ा या कलावा लपेटकर कलश पर रख दें तथा कलश के भी कलावा बांधने कलश पर स्वास्तिक बना दे।


6:-कलश पर रखे जाने वाले नारियल का मुंह आपकी तरफ होना चाहिए तथा नौक वाला हिस्सा दूसरी तरफ होना चाहिए।


7:-नारियल का मुंह नीचे की तरफ रखने से शत्रु वृद्धि होती है ।तथा ऊपर की तरफ रखने से रोग बढ़ते हैं ।तथा पूर्व की ओर रखने से धन हानि होती है । अतः नारियल का मुख साधक की तरफ ही होना चाहिए


8:-इसके पश्चात दीपक प्रज्वलित करें दीपक 9 दिन तक अखंड भी रख सकते हैं ।साधक या फिर अपनी सुविधा के अनुसार भी रख सकते हैं ।वैसे तो नवरात्रि में अखंड दीपक ही रखना चाहिए ।


9:-इसके पश्चात कलश में असंख्यात रूद्र देवताओं का आवाहन करना चाहिए तथा भगवान गणेश जी रिद्धि सिद्धि शुभ लाभ षोडश मातृका सप्तघृत मातृका नवग्रह देवता कुल पितृ देवता ब्रह्मा जी पंच लोकपाल देवता कुलदेवी कुलदेवता तथा आपके इष्ट का स्मरण करें उनका पूजन करें उनका आवाहन करें तत्पश्चात मां दुर्गा का आवाहन करें उनसे प्रार्थना करें कि हे मां दुर्गा आइए आप हमारे यहां करें विराजमान हुई है और हमारे पर कृपा करें


10:-आवाहन करने के पश्चात मां दुर्गा के चित्र या मूर्ति को स्नान कराएं वस्त्र वस्त्र अर्पण करें रोली का तिलक करें अक्षत तथा चित्र या मूर्ति को गुलाब की माला अर्पण करें तथा मिठाई का पंचमेवा का भोग लगाएं लौंग इलायची आदि चढ़ाएं तथा मां को अनार का फल का भोग लगाएं

<script async src="//pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js"></script> <ins class="adsbygoogle" style="display:block" data-ad-format="fluid" data-ad-layout-key="-fv-1i-b-8j+uu" data-ad-client="ca-pub-8923156592466488" data-ad-slot="2745047997"></ins> <script> (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); </script>

11:-भोग लगाने के पश्चात फिर आरती करें यह कार्य नव दिवस तक रोज करें तथा नौवें दिन नौ कन्या तथा एक बालक को भोजन कराकर कलश का जल घर में छिड़क दें तथा कुछ उगे हुए जौ को तिजोरी मे रखले
तथा अन्य को जल मैं विसर्जन करदें।

hast slide image

100% success

Sunday, 4 March 2018

Lotry, share market ,satte baji se achank dhan prapti

  "Lotry, share market ,satte baji se             achank dhan prapti"
    

    Hamare hath me sampuran jivan ka lekha jhokha hota hai. Arthat hath ki Rekhaon yadi sahi se dekha jaye to hamre jivan me hone vali sabhi shubh -ashubh ghatnao ke bare me jan sakte hai .


    (1) Kab hamare jivan me kya labh- hani hogi .
    Kuch rekhaye vyakti ke hath me aajivan rahti hai.
    Thatha kuch rekhaye bhanti bigadti rahti hai .

    (2)Usi mese aaj hum janne ki kosis karenge ki hamri lottry lagegi ya nhi ya achanak dhan prapti hoga kya ?

    To aaiye jante hai asi hi ek rekha ke bare me.
    Money line


    (3)Yadi sani kshetra se nikal kar koi rekha strong progresh line (sakti sali prabhav rekha ) sun mount ke niche se hoti hui use  saprsh karti hui . Bina sun maunt ko kate health line ko saprsh karti ho to ase jatak chamatkarik dhang se , sanyogvas ya apratyashit rup se dhanavan bante hai


    (4) Ase jatak lottery jekpot ,share market, lakki draw thatha satte baji aadi kshetro se dhan prapt karte hai inhe . Lottery, share market, satte baji aadi kshetro me safalta hasil hoti hai


    (5) Yadi khaha jaye to ese jatko ko share market jese kshetro ko hi apna career chunna chahiye .


      Not.= Kintu kisi bhi natije par pahuchne se pahle vyakti ko apne sampurn hath ko dekha kr uske shubh-ashubh sanketo ke bare me jan lena chahiye tabhi aage kadam rakhna chahiye .


      * "आप लोगों को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो मेरे पेज को like कीजिए तथा share कीजिए "
      और मेरे youtube channel को subscribe कीजिए

                                                                                                 http://www.youtube.com/c/AstroGarden 

      Saturday, 3 March 2018

      Brother , sister line भाई-बहन रेखा

              Brother , sister line भाई-बहन रेखा

      Brother sister line


      Bhai behan ke baare mein Hath Mein Do Prakar se jaan sakte hai.


      Moti rekha bhai ki suchak hoti hai thatha patli rekha bhan ki suchak hoti hai

      1.
      Shukra Parvat Par aadi  Rekhaon ke dwara.

      2.  Pratham Mangal Parvat ke paas hridaya Rekha ke neeche.


      (1) Agar bhai behan Rekha Tuti hui ho toh bhai behan Mein viyog Hota Hai.

      (2) spast do  gahari rekhaye pass pass sati hui ho to  bhai behan main bahut adhik Prem Hota Hai Yeh Ek Doosre ke Sahayak Hote Hain.

      (3) yadi 1 Moti Rekha ke paas 1 spasht Patli Rekha Hoto whah  Rekha aapas mein Sati hui ho toh aisa vyakti apni behan se bahut Adhik Prem karta hai usse apni behan se bahut Adhik lagau hota hai apni Behan ka Hamesha Sukh Dukh Mein Saath deta hai aajivan apni behan ke sabhi Sukh Dukh Me bhagidar Hota Hai.

      (4)  Yadi Patli Rekha ko Koi Annaya Rekha Katti ho toh behan ko kast hota hai aur yadi Moti Rekha ko Koi anya rekka Katti ho toh bhai ko kast Hota Hai .

      Friday, 2 March 2018

      विवाह रेखा marriage line in palm

                   विवाह रेखा अर्थात जीवनसाथी से अनुराग
                           marriage line in palm

      Marriage line


      :- स्त्री पुरुष दोनों ही जीवन में विवाह के पश्चात एक नया अध्याय शुरू करते हैं यह एक नया जीवन प्रारंभ करते हैं ।


      :- विवाह रेखा का यह आशय से नहीं होता है ,कि विवाह होगा कि यह केवल स्त्री पुरुष में कैसा संबंध रहेगा यह सूचित करती है ।

      :- विवाह के विषय में अन्य रेखाओं और ग्रहो पर दृष्टि डाली जानी चाहिए ।

      :- (1)यह बुध पर्वत के समीप बुध तथा हृदय रेखा के बीच में स्थित होती है ।

      :- (2) कनिष्टिका के नजदीक हो तो विवाह में देरी,

      :-(3) ह्रदय रेखा के पास हो तो कम उम्र में विवाह होता है ।

      :- पतली  एवं स्पष्ट विवाह रेखा सुखी जीवन का प्रतीक मानी गई है ।

      :- ह्रदय रेखा के समीप हो तो :=
                       यदि ह्रदय रेखा के समीप विवाह रेखा हो तो ऐसे जातकों का 14 से 18 वर्ष की उम्र में विवाह होता है अथवा  वह प्रेम संबंध भी हो सकता है ।
      Marriage line

      :-कनिष्टिका और हृदय रेखा के बीच में :=
                               यदि कनिष्ठिका और ह्रदय रेखा के बीच में विवाह रेखा हो तो ऐसे जातकों का विवाह 21 से 27 वर्ष की उम्र में होता है ।


      :-कनिष्टिका के पास हो तो :=
                                     यदि विवाह रेखा कनिष्टिका के नजदीक हो तो ऐसे जातकों का विवाह 28 से 35 वर्ष की उम्र में होता है अर्थात विलंब से होता है ।
      :-ह्रदय रेखा की और झुकी विवाह रेखा:=
        यदि विवाह रेखा हृदय रेखा की तरफ झुकी हुई हो तो पत्नी तथा पति के मध्य वियोग कलह पैदा हो सकता है या दोनों अलग अलग रहने लग जाते हैं ।


      :-विवाह रेखा हृदय रेखा को काटे तो :=
                        यदि विवाह रेखा हृदय रेखा को काटे तो ऐसे जातकों का जीवनसाथी की मृत्यु या मृत्यु तुल्य कष्ट प्राप्त होने के संकेत होते हैं, इसी के साथ यदि   दो विवाह रेखा हो तो पुनर्विवाह होने के योग होते हैं तथा सुख पूर्वक जीवन व्यतीत होता  है ।


      :-द्वीप युक्त विवाह रेखा :=
      यदि किसी जातक के विवाह रेखा के मध्य द्वीप या यव(जौ) बन रहा हो तो यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण होती है यह दुर्भाग्य का सूचक होती है ,ऐसे जातकों को अपने जीवन में धोखेबाजी से विवाह होने के संकेत होते हैं, तथा अपने वैवाहिक जीवन में आगे भी यह जातक कष्ट सहन करते हैं ,और यदि यह रेखा आगे जाकर स्पष्ट हो तो विवाह सुख पूर्वक व्यतीत होता है, सुख पूर्वक जीवन निर्वाह होता है ।

      Marriage line

      :-सूर्य क्षेत्र पर विवाह रेखा:=
      यदि किसी जातक के विवाह रेखा बढ़कर सूर्य तक पहुंचती हो तो ऐसे जातक बहुत ही सौभाग्यशाली होते हैं वह अपने जीवन में प्रतिष्ठा मान-सम्मान आदि प्राप्त करते हैं इनका विवाह प्रतिष्ठित परिवार में होता है धनी परिवार में होता तथा वहां से इन्हें धन धान्य की प्राप्ति होती है सम्माननीय परिवार में विवाह होने के कारण इन लोगों को बहुत  सम्मान प्राप्त होता है ।


      :-विवाह रेखा पर क्रॉस का चिन्ह :=
      यदि किसी जातक के हाथ में स्थित विवाह रेखा पर क्रॉस (x) का चिन्ह हो तो ऐसे जातक अपने जीवनसाथी की मृत्यु की सूचना प्राप्त करते हैं ।उनके जीवनसाथी की मृत्यु किसी दुर्घटना मैं होती है । यदि हस्त के अंदर अन्य चिन्ह शुभ हो जीवन रेखा सुंदर और स्पष्ट हो तो ऐसे जातकों की जान बच जाती है ।


      :-बहु विवाह रेखा:-
                    यदि किसी जातक के हाथ में एक से अधिक विवाह रेखाएं हो तो ऐसे जातकों के एक से अधिक विवाह अथवा प्रेम संबंध होने के संकेत होते हैं सामान्यतः एक विवाह रेखा को ही शुभ माना गया है ।

      Marriage line

      :-जीवन रेखा शनि पर पहुंचे तो :=
      यदि जीवन रेखा आगे बढ़कर शनि क्षेत्र पर पहुंचती हो तो यह जीवन रेखा अत्यंत अशुभ लक्षण प्रदान करती है, अशुभ फल प्रदान करती है ऐसे जातकों के जीवनसाथी को यातनाएं प्राप्त होती रहती हैं।  ऐसे जातक हत्या भी कर सकते हैं ,ऐसे जातक मानसिक परेशानी से भी जूझते रहते हैं ,तथा सूर्य पर्वत दबा हुआ हो तथा जीवन रेखा पर अशुभ चिन्ह हो तो ऐसे जातकों को मृत्युदंड भी प्राप्त हो सकता है ।
      Marriage line
      Marriage line


      Not= यदि दोनों ही हाथों में दो दो विवाह रेखाएं सुंदर और स्पष्ट हो तो ऐसे जा जातक  का विवाह निश्चय ही होता है ।

      Thursday, 1 March 2018

      हस्त मे तिल part 1

                                                                  हस्त मे तिल


      til
      hast me til

      सभी यह सोचते हैं कि यदि किसी व्यक्ति के हाथ में तिल हो तो वह बहुत अच्छा धनवान होगा उसे आजीवन रुपये-पैसे की किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा लेकिन यह पूर्ण सच नहीं है हथेली पर स्थित तिल अपना शुभ और अशुभ फल प्रदान करते हैं
      सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार
       
      1 :- 
      सूर्य पर्वत पर तिल अर्थात सूर्य संबंधित क्षेत्रों से कष्ट हो सकता है ,सरकारी क्षेत्र अथवा रोजगार कमाने में समस्या आ सकती है|

      2.चंद्र पर्वत पर तिल ऐसे जातकों का मन चंचल और बेचैन होता है जीवन में प्यार की कमी रहती है इन्हें पग पग पर असफलता ही हाथ लगती है इनकी शादी में भी अनेकों समस्याएं उत्पन्न होती है तथा माता का स्वास्थ्य भी अच्छा नहीं रहता है

      3.शनि पर्वत पर तिल यह बहुत शुभ माना जाता है शनि संबंधित सभी क्षेत्रों से ऐसे जातकों को परेशानियां आती रहती है तथा अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है
      इनका भाग्य बीन का साथ नहीं देता है जीवन में इनको अनेकों बार सफलताएं प्राप्त होती है इन्हें आजीवन कष्ट सहना पड़ता है तथा जीवन संघर्ष करना पड़ता है

      4.शुक्र पर्वत पर तिल ऐसे जातक बहुत सारे प्रेम-संबंधों से घिरे रहते हैं तथा यह संबंध बनते बिगड़ते रहते हैं इसी कारण इन्हें हानि भी उठानी पड़ती है यह जातक कामुक होते हैं तथा बहुत खर्चीले स्वभाव के होते हैं लेकिन इन्हें जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है

      5.गुरु पर्वत पर तिल इन जातकों के विवाह में परेशानियां आती है किसी भी कार्य में उचित सफलता हासिल नहीं होती है
       
      6.बुध पर्वत पर तिल वाले जातकों को अचानक नुकसान हो सकता है ऐसी स्थिति बनने पर सावधानी से कार्य किया जाए तो सफलता मिलती है

      Not:- बाई हथेली (मध्य में) में तिल हो तो व्यक्ति खूब दौलत कमाता है किंतु खर्चीले स्वभाव के कारण पैसा जोड़ नहीं पाता है दाई हथेली पर तिल हो वाले जातक धन-धान्य से संपन्न होते हैं

      Monday, 26 February 2018

      जीवन रेखा life line

                                 जीवन रेखा { life line }
      life line
      life line



      1:- जीवन रेखा को पितृ रेखा ,गोत्र रेखा , कुल रेखा भी कहा जाता है।

      2:-यह रेखा तर्जनी पता अंगूठे के बीच के क्षेत्र से आरंभ होकर शुक्र क्षेत्र को गिरती हुई मणिबंध तक जाती है।

      3:- जीवन रेखा से आयु जीवन में होने वाली दुर्घटनाओं जीवन शक्ति भाग्योदय आदि का विचार किया जाता है ।

      4:-यदि जीवन रेखा शुक्र क्षेत्र को पर्याप्त विस्तार का अवसर देती हुई आगे बढ़े तो जातक का स्वास्थ्य अच्छा रहता है ।

      5:-क्योंकि शुक्र क्षेत्र उत्साह उत्तम स्वास्थ्य तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है ।



      6:- यदि जीवन रेखा शुक्र क्षेत्र का विस्तार छोटा करती हुई आगे बढ़ जाए तो ऐसे जातकों का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है ।

      7:-तथा जातक निराशावादी डरपोक भीरु स्वभाव तथा ठंडे स्वभाव के होते हैं यदि शुक्र क्षेत्र विस्तृत हो तो ऐसे जातक की कार्य क्षमता अच्छी होती है काम शक्ति तथा विपरीत लिंग के प्रति विशेष आकर्षण का स्वभाव आ जाता है ।

      8:- शुक्र पर्वत का विस्तार अधिक होने से जातक अधिक काम ही स्वभाव का हो जाता है वह उचित तथा अनुचित का विचार छोड़कर स्वच्छंद योनाचार करता है तथा अन्य लक्षण अशुभ हो तो वह बीमारियों से भी ग्रसित हो जाता है इन लोगों को कई बार सामाजिक अपमान का भी सामना करना पड़ता है ।

      9:-यदि शुक्र क्षेत्र विस्तृत तो ऐसे जातक जन्मजात भाग्यशाली होते हैं तथा पैतृक संपत्ति के स्वामी तथा माता पिता की समृद्धि का सुख भोगते हैं तथा कुलवान तथा लंबी आयु प्राप्त करते हैं।

      10:-जीवन रेखा का आरंभ सामान्यता बृहस्पति और मंगल पर्वत के मध्य से होता है यह स्थिति शुभ और संतुलित मानसिकता एवं शारीरिक शक्ति की परिचायक है।

      11:- बृहस्पति क्षेत्र से जीवन रेखा का आरंभ हो तो जातक स्वभाव से जन्मजात उच्च आकांक्षाएं की प्रवृत्ति लेकर आता है यह अपनी लगन के पक्के होते हैं यह जिस कार्य में हाथ डालते वह कार्य पूर्ण कर कर ही छोड़ते हैं।

      12:- निम्न मंगल क्षेत्र से यदि जीवन रेखा का प्रारंभ होता है तो यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है ऐसे जातक का जीवन संघर्षशील तथा विषम परिस्थितियों से घिरा हुआ रहता है निर्मल स्वास्थ्य तथा जीवन में परेशानियां आती रहती है ।

      * "आप लोगों को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो मेरे पेज को like कीजिए तथा share कीजिए "
      और मेरे youtube channel को subscribe कीजिए
                                                                                                 http://www.youtube.com/c/AstroGarden

      Saturday, 24 February 2018

      Which hand is to be seen कौन सा हाथ देखा जाए

               Which hand is to be seen    
      कौन सा हाथ देखा जाए

      Which hand is to be seen


      हस्य परीक्षण से पूर्व मन में यह प्रश्न उठता है कि स्त्री का कौन सा हाथ देखा जाए तथा पुरुष का कौन सा हाथ देखा जाए


      1:= इस संबंध में देशी तथा विदेशी विद्वानों के भिन्न-भिन्न मध्य हैं सामान्यता वयस्क पुरुषों का दाया हाथ तथा स्त्रियों का बाया हाथ देखा जाना चाहिए जो पुरुष लिखने-पढ़ने भोजन करने आदि में अपने बाएं हाथ का प्रयोग करते हैं तो उनके बाएं हाथ का ही परीक्षण करना चाहिए


      2. तथा जो स्त्रियां स्वावलंबी है  अर्थात जो स्त्रियां पुरुषों के भाँति नौकरी-व्यवसाय आदि से धनोपार्जन करती है या राजनीतिक सामाजिक अथवा धार्मिक सार्वजनिक क्षेत्रों में पुरुषों की भांति कार्य करती हूं उनके भी दाएं हाथ का ही परीक्षण करना चाहिए


      3. जो पुरुष नौकरी नहीं करते हो धनोपार्जन नहीं करते हो दूसरे पर आश्रित हो या उनका व्यवहार स्त्री के भाँति हो अर्थात स्त्रियोचित व्यवहार करते हो या डरपोक स्वभाव के हो पराधीन हो उनके बाएं हाथ का परीक्षण करना चाहिए



      4.  14 वर्ष तक की आयु के बालक का भी बाँया हाथ ही देखना चाहिए
      तथा 14 वर्ष तक की  आयु कि बालिका का भी बाँया हाथ ही देखना चाहिए


      5.  हस्त परीक्षा करते समय सामान्यतः जातक के दोनों ही हाथों का परीक्षण करना चाहिए जो लक्षण दोनों हाथों में समान रूप से मिलते हो उन्हें निर्णायक समझना चाहिए तथा जो लक्षण जातक के दोनों हाथों में अलग-अलग हो तो उनका परिणाम संशय पूर्ण मानकर दोनों के निष्कर्ष रूप में जो उचित फल समझ में आए वह कहना चाहिए


      6. कुछ विद्वानों के मत के अनुसार पुरुष के दाएं हाथ से उसके व्यक्तित्व उसके स्वभाव चरित्र तथा भूत भविष्य वर्तमान आदि का हाल प्राप्त किया जाता है तथा बाएं हाथ से उसकी पत्नी के व्यक्तित्व स्वभाव चरित्र आदि की जानकारी प्राप्त की जाती है


      7.  इसी प्रकार स्त्री के बाएं हाथ से उसके अपने तथा दाएं हाथ से उसके पति के विषय में अनुमान लगाया जाता है
      दायां हाथ पुरुष के वर्तमान जन्म तथा बाया हाथ पूर्व जन्म के भाग्य तथा कर्मों का साक्षी होता है इसी प्रकार स्त्री का बायां हाथ उसके वर्तमान जन्म तथा दायां हाथ उसके पूर्व जन्म के भाग्य का प्रतीक माना जाता है


      8.अतः इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि गृहणी  स्त्री का बायां हाथ तथा कामकाजी स्त्री का दायां हाथ देखा जाना चाहिए
      तथा पुरुष का दायां हाथ देखा जाना चाहिए


      note = "आप लोगों को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो मेरे पेज को like कीजिए तथा share कीजिए "
      और मेरे youtube channel को subscribe कीजिए
                                                                                                 http://www.youtube.com/c/AstroGarden