Which hand is to be seen
कौन सा हाथ देखा जाए
हस्य परीक्षण से पूर्व मन में यह प्रश्न उठता है कि स्त्री का कौन सा हाथ देखा जाए तथा पुरुष का कौन सा हाथ देखा जाए
1:= इस संबंध में देशी तथा विदेशी विद्वानों के भिन्न-भिन्न मध्य हैं सामान्यता वयस्क पुरुषों का दाया हाथ तथा स्त्रियों का बाया हाथ देखा जाना चाहिए जो पुरुष लिखने-पढ़ने भोजन करने आदि में अपने बाएं हाथ का प्रयोग करते हैं तो उनके बाएं हाथ का ही परीक्षण करना चाहिए
2. तथा जो स्त्रियां स्वावलंबी है अर्थात जो स्त्रियां पुरुषों के भाँति नौकरी-व्यवसाय आदि से धनोपार्जन करती है या राजनीतिक सामाजिक अथवा धार्मिक सार्वजनिक क्षेत्रों में पुरुषों की भांति कार्य करती हूं उनके भी दाएं हाथ का ही परीक्षण करना चाहिए
3. जो पुरुष नौकरी नहीं करते हो धनोपार्जन नहीं करते हो दूसरे पर आश्रित हो या उनका व्यवहार स्त्री के भाँति हो अर्थात स्त्रियोचित व्यवहार करते हो या डरपोक स्वभाव के हो पराधीन हो उनके बाएं हाथ का परीक्षण करना चाहिए
4. 14 वर्ष तक की आयु के बालक का भी बाँया हाथ ही देखना चाहिए
तथा 14 वर्ष तक की आयु कि बालिका का भी बाँया हाथ ही देखना चाहिए
तथा 14 वर्ष तक की आयु कि बालिका का भी बाँया हाथ ही देखना चाहिए
5. हस्त परीक्षा करते समय सामान्यतः जातक के दोनों ही हाथों का परीक्षण करना चाहिए जो लक्षण दोनों हाथों में समान रूप से मिलते हो उन्हें निर्णायक समझना चाहिए तथा जो लक्षण जातक के दोनों हाथों में अलग-अलग हो तो उनका परिणाम संशय पूर्ण मानकर दोनों के निष्कर्ष रूप में जो उचित फल समझ में आए वह कहना चाहिए
6. कुछ विद्वानों के मत के अनुसार पुरुष के दाएं हाथ से उसके व्यक्तित्व उसके स्वभाव चरित्र तथा भूत भविष्य वर्तमान आदि का हाल प्राप्त किया जाता है तथा बाएं हाथ से उसकी पत्नी के व्यक्तित्व स्वभाव चरित्र आदि की जानकारी प्राप्त की जाती है
7. इसी प्रकार स्त्री के बाएं हाथ से उसके अपने तथा दाएं हाथ से उसके पति के विषय में अनुमान लगाया जाता है
दायां हाथ पुरुष के वर्तमान जन्म तथा बाया हाथ पूर्व जन्म के भाग्य तथा कर्मों का साक्षी होता है इसी प्रकार स्त्री का बायां हाथ उसके वर्तमान जन्म तथा दायां हाथ उसके पूर्व जन्म के भाग्य का प्रतीक माना जाता है
दायां हाथ पुरुष के वर्तमान जन्म तथा बाया हाथ पूर्व जन्म के भाग्य तथा कर्मों का साक्षी होता है इसी प्रकार स्त्री का बायां हाथ उसके वर्तमान जन्म तथा दायां हाथ उसके पूर्व जन्म के भाग्य का प्रतीक माना जाता है
8.अतः इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि गृहणी स्त्री का बायां हाथ तथा कामकाजी स्त्री का दायां हाथ देखा जाना चाहिए
तथा पुरुष का दायां हाथ देखा जाना चाहिए
तथा पुरुष का दायां हाथ देखा जाना चाहिए
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