नौकरी लगने में देरी के ज्योतिषीय कारण
नौकरी की तलाश में लगातार प्रयास करने के बावजूद अगर बार-बार असफलता मिल रही हो, इंटरव्यू अच्छे जाने के बाद भी चयन नहीं हो रहा हो या नौकरी मिलने में अनावश्यक देरी हो रही हो, तो मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है — “मेरी नौकरी कब लगेगी और देरी का कारण क्या है?” वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली के माध्यम से career और नौकरी से जुड़े विभिन्न संकेतों का अध्ययन किया जाता है। इसके लिए केवल एक ग्रह या एक योग को देखना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि 6वें भाव, 10वें भाव, 11वें भाव, सूर्य, शनि, दशा-अंतर्दशा, गोचर और दशमांश कुंडली (D10) का संयुक्त विश्लेषण किया जाता है। आइए जानते हैं कि कुंडली में नौकरी लगने में देरी के कौन-कौन से ज्योतिषीय कारण देखे जाते हैं। 1. दसवें भाव का कमजोर होना कुंडली का 10वां भाव career, profession, कर्म, पद और सामाजिक प्रतिष्ठा से संबंधित माना जाता है। यदि 10वां भाव या उसके स्वामी की स्थिति कमजोर हो, अथवा उस पर प्रतिकूल ग्रहों का प्रभाव हो, तो career में उतार-चढ़ाव या अपेक्षित सफलता मिलने में देरी के संकेत मिल सकते हैं। हालांकि इसका निर्णय पूरी कुंडली का विश्लेषण करने के ब...