Mangal rekha the line of mars{ mangalmay jivan ka aashirvad} - palmistry
The line of mars - palmistry
मंगल रेखा मंगलमय जीवन का आशीर्वाद
मंगल रेखा को जीवन रेखा की सहायक रेखा भी कहते हैं ।यह मंगल पर्वत से निकलकर आयु रेखा के समानांतर शुक्र क्षेत्र पर पहुंचती है ।
यह आयु रेखा के दोषों का समन करती है और आयु रेखा को बल प्रदान करती है। यह रेखा जीवन जीने की शक्ति का परिचायक है । अर्थात जीवन जीने की लालसा बढ़ाती है । यह जीवन से हार नहीं मानने देती है। संघर्ष करना सिखाती है,
जिनके हाथ में यह रेखा होती है वह साहसी प्रकृति के होते हैं ।शरीर से बलशाली होते हैं, मानसिक शक्ति माइंड पावर इनका बहुत अच्छा होता है।
यह व्यक्ति को हर विपरीत परिस्थिति मैं डट कर खड़ा रहना सिखाती है । यह व्यक्ति को हर परिस्थिति में लड़कर जीतना सिखाती है।
यह व्यक्ति धैर्यशाली होते हैं । परिश्रमी होते हैं, कार्य करने में उत्साह ही होते हैं।
इनमें संपूर्ण जीवन जीने की लालसा होती है । अगर आयु रेखा में कोई दोस्त हो तो उन दोस्तों का शमन करती है । उस दोस्त की कमियों को दूर करती है।
इनमें संपूर्ण जीवन जीने की लालसा होती है । अगर आयु रेखा में कोई दोस्त हो तो उन दोस्तों का शमन करती है । उस दोस्त की कमियों को दूर करती है।
दोष क्या-क्या हैं ?
रेखा कटी फटी होना रेखा पर द्वीप होना रेखा का स्पष्ट होना रेखा पर कोई अशुभ चिन्ह होना।
यदि दोनों रेखाएं सुंदर वह स्पष्ट हो तो ऐसे व्यक्ति जीवन पर्यंत जीवन जीने के लिए आत्म बल सुदृढ़ रखते हैं । इनका जीवन जीने के प्रति पॉजिटिव नजरिया होता है ।ऐसे व्यक्तियों से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती है।
आयु रेखा से दूर मंगल रेखा
यदि मंगल रेखा जीवन रेखा से दूर शुक्र पर्वत से होकर गुजरती हो तो यह व्यक्ति लापरवाह होते हैं । उग्र स्वभाव के होते हैं तथा इन व्यक्तियों में प्रतिशोध की भावना भरी रहती है। यह व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर ही झगड़ने लगते हैं।
आयु रेखा के पास मंगल रेखा
यदि मंगल रेखा आयु रेखा के पास से होकर जाती है। तो ऐसे जातक आत्म शक्ति आत्म बल युक्त होते हैं ।इनका आत्म बल प्रबल होने के कारण ही यह हर परिस्थिति का डटकर सामना करते हैं । यह व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हैं । समाज में सम्मानित होते हैं प्रतिष्ठित होते हैं ।
मंगल रेखा से ऊपर की तरफ जाने वाली रेखाएं
यदि मंगल रेखा से निकलकर रेखाएं ऊपर की तरफ जाती है ।ऐसे व्यक्ति अपने जीवन में अपने कार्य क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करते हैं ।
मंगल रेखा से निकली आड़ी रेखाएं
यदि मंगल रेखा से निकल कर कुछ आड़ी रेखाएं मस्तिष्क रेखा को काटती हो तो ऐसे जातकों को सिर पर चोट लगने का भय रहता है तथा मानसिक तनाव भी रहता है ।ऐसे जातकों के प्रेम संबंध भी असफल रहते हैं ।और यदि मंगल रेखा पर बिंदु का चिन्ह हो तो ऐसे जातकों को दुर्घटना का भय बना रहता है ऐसे जातकों का दुर्घटना होने के योग बनते हैं ।




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